
ऑटिज्म से जूझते बच्चों को नया जीवन दे रहा राधका फाउंडेशन
- मानेसर स्थित संस्था समग्र देखभाल, थेरेपी और कौशल प्रशिक्षण के जरिए बना रही आत्मनिर्भर.
- रजत कुलदीप तलवार
हरियाणा के मानेसर में स्थित राधका फाउंडेशन फॉर असिस्टेड लिविंग ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों और विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगा रहा है। यह संस्था न केवल विशेष बच्चों को देखभाल प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।

7 जुलाई 2019 को स्थापित इस फाउंडेशन की नींव भाई-बहन लक्ष्य चंदना और दिव्या चंदना ने रखी। दरअसल, दिव्या चंदना की बेटी राधका के ऑटिज्म से प्रभावित होने के बाद उन्होंने इस चुनौती को करीब से समझा। इसी अनुभव ने उन्हें प्रेरित किया कि वे अपनी बेटी के साथ-साथ अन्य बच्चों के जीवन को भी बेहतर और सम्मानजनक बना सकें। इस संकल्प को साकार करने में उनके भाई लक्ष्य चंदना ने पूरा सहयोग दिया।
फाउंडेशन की शुरुआत वर्ष 2016 में मात्र एक बच्चे के साथ हुई थी, जो आज बढ़कर 50 से अधिक ऑटिस्टिक व्यक्तियों तक पहुंच चुकी है। इनमें देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से जुड़े लोग भी शामिल हैं।
संस्था की संचालिका दिव्या चंदना बताती हैं कि यहां का पूरा स्टाफ विशेष रूप से प्रशिक्षित है, ताकि वे ऑटिज्म से ग्रसित लोगों के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर सकें और उनकी संचार क्षमता को विकसित कर सकें। संस्था का उद्देश्य है कि सभी जरूरी थेरेपी एक ही छत के नीचे उपलब्ध हों, जिससे बच्चों और उनके परिवारों को भटकना न पड़े।

फाउंडेशन का 5 एकड़ में फैला हरित और शांत परिसर बच्चों के लिए सकारात्मक वातावरण प्रदान करता है। यहां अनुभवी डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम बच्चों के समग्र विकास पर काम करती है। संस्था में शिक्षा, खेल व फिटनेस, प्री-वोकेशनल और वोकेशनल ट्रेनिंग, कला एवं शिल्प के साथ-साथ एक्वा थेरेपी, म्यूजिक थेरेपी, स्पीच थेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
दिव्या चंदना के अनुसार, संस्था का लक्ष्य केवल देखभाल तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑटिज्म के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना भी है। इसके लिए समय-समय पर सार्वजनिक कार्यक्रम और अभियान चलाए जाते हैं, ताकि लोग इस विषय को बेहतर ढंग से समझ सकें।
वे कहती हैं कि राधका फाउंडेशन एक ऐसा स्थान बनाना चाहता है, जहां ऑटिज्म से ग्रसित लोग शांति, प्रेम और आत्मसम्मान के साथ जीवन जी सकें। यहां प्राकृतिक जीवनशैली और समग्र वातावरण को उपचार और विकास का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है।

राधका फाउंडेशन आज उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बन चुका है, जो अपने विशेष बच्चों के बेहतर भविष्य की तलाश में हैं। संस्था का प्रयास है कि हर व्यक्ति को उसकी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर मिले और वह आत्मविश्वास के साथ समाज में अपनी पहचान बना सके।

