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लोकसभा में हंगामा: राहुल गांधी के पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की अप्रकाशित किताब के उद्धरण पर बवाल, स्पीकर ने अनुमति नहीं दी

लोकसभा में हंगामा: राहुल गांधी के पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की अप्रकाशित किताब के उद्धरण पर बवाल, स्पीकर ने अनुमति नहीं दी

नई दिल्ली : लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान आज भारी हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या के कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल उठाने के जवाब में पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के अंशों (कारवां मैगजीन में प्रकाशित) का जिक्र करने की कोशिश की। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और सत्ता पक्ष के अन्य सदस्यों ने जोरदार विरोध जताया, जिससे सदन का माहौल गरमा गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उद्धरण की अनुमति नहीं दी और सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

विवाद की शुरुआत

चर्चा के दौरान भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने यूपीए (2004-2014) के शासनकाल में राष्ट्रपति के अभिभाषणों में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और युवाओं की सोच पर कोई चर्चा न होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उस दौर में संस्कृति की मजबूती या सांस्कृतिक उन्नति पर कोई जोर नहीं दिया गया।

इस पर राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल उठाए गए हैं, इसलिए वे पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की किताब के अंश पढ़ना चाहते हैं। किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है, लेकिन ‘द कारवां’ मैगजीन के फरवरी 2026 अंक में इसके कुछ अंश प्रकाशित हुए हैं, जिनमें 2017 के डोकलाम विवाद और 2020 के लद्दाख सीमा तनाव (LAC crisis) पर टिप्पणियां हैं।

राहुल ने दावा किया कि इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के चरित्र व फैसलों पर गंभीर टिप्पणियां हैं, और वे इन्हें सदन में रखना चाहते हैं। राहुल ने कहा, “हम चीन पर कुछ नहीं बोल रहे, बल्कि पीएम मोदी और राजनाथ सिंह को लेकर किताब में कही गई बातें सामने लाना चाहते हैं। क्या चीन पर बोलने की अनुमति नहीं है?”

सत्ता पक्ष का विरोध

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तुरंत आपत्ति जताई और कहा कि किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है, इसलिए इसके अंश सदन में उद्धृत नहीं किए जा सकते। उन्होंने राहुल पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा, “ये पूरी तरह काल्पनिक बातें हैं। नेता प्रतिपक्ष सदन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।”

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैगजीन के लेख को ‘कोट’ करने की अनुमति स्पीकर ने नहीं दी है। यदि सरकार ने किताब को प्रकाशन की अनुमति नहीं दी, तो उसके तथ्य ‘ऑन रिकॉर्ड’ नहीं हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “आप देश को नीचा दिखाकर क्या कहना चाहते हैं? ऐसी कोई बात मत बोलिए जिससे सेना का मनोबल गिरे।”

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट कहा कि अप्रकाशित किताब या मैगजीन के अंश का उद्धरण नियमों के खिलाफ है। उन्होंने राहुल से विनम्र आग्रह किया कि सदन की व्यवस्था बनाए रखें और सेना की कार्रवाइयों की आलोचना उचित नहीं है। स्पीकर ने कहा, “आप आसन की अवमानना कर रहे हैं। यदि आप नहीं बोलना चाहते, तो अगला वक्ता (अखिलेश यादव) बोलेंगे।” समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने स्पीकर से अपील की कि यदि यह देश के हित में है, तो राहुल को बोलने दिया जाए, लेकिन स्पीकर ने अनुमति नहीं दी और सदन स्थगित कर दिया।

राहुल गांधी का रुख

राहुल गांधी ने कहा कि जो हुआ है, उसके बारे में सेना के हर जवान को पता है, लेकिन सरकार इसे जनता से छिपाना चाहती है। उन्होंने जोर दिया कि उद्धरण प्रामाणिक हैं और ‘द कारवां’ में प्रकाशित अंश 100% सही हैं। उन्होंने पूछा, “इसमें ऐसा क्या है जो उन्हें इतना डराता है?” पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ 2024 में प्रकाशित होने वाली थी, लेकिन रक्षा और विदेश मंत्रालय की मंजूरी न मिलने से अब तक रुकी हुई है।

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