Trending News

UPI पर नए MDR फ्रेमवर्क को लेकर राहुल गांधी का PM मोदी पर हमला, बोले- ‘ट्रंप के सामने लेटने का फैसला किया’

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने UPI लेनदेन के लिए लागू किए गए नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अमेरिकी दबाव के आगे झुकते हुए UPI पर शुल्क लगाने का रास्ता खोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से इस मुद्दे पर ‘हिम्मत दिखाने’ की अपील की।

राहुल गांधी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से की। उन्होंने कहा कि एक बार इंदिरा गांधी से पूछा गया था कि उनका झुकाव लेफ्ट की ओर है या राइट की ओर। इसके जवाब में इंदिरा गांधी ने कहा था कि वह न तो लेफ्ट की ओर झुकती हैं और न राइट की ओर, बल्कि सीधी खड़ी रहती हैं।

इसके बाद राहुल गांधी ने UPI शुल्क के मुद्दे का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी का तरीका अलग है और वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने ‘पूरी तरह लेट जाने’ का फैसला कर चुके हैं। राहुल गांधी ने सरकार से UPI पर नए MDR फ्रेमवर्क को वापस लेने की मांग भी की।

2,000 रुपये से अधिक के व्यापारी भुगतान पर MDR

राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के नए फ्रेमवर्क के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के पात्र व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। हालांकि, यह शुल्क ग्राहक से नहीं लिया जाना है। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये रखी गई है।

व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) UPI भुगतान पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेगा। वित्त मंत्रालय के अनुसार, 2,000 रुपये तक के व्यापारी भुगतान और निर्धारित श्रेणी के छोटे कारोबारियों के लेनदेन भी MDR से मुक्त रहेंगे। सरकार का कहना है कि करीब 96 प्रतिशत P2M लेनदेन इस नए शुल्क से प्रभावित नहीं होंगे।

सरकार ने कहा- MDR टैक्स नहीं

केंद्र सरकार ने राहुल गांधी और विपक्ष की आलोचना के बीच स्पष्ट किया है कि MDR कोई टैक्स नहीं है और यह राशि सरकार या NPCI द्वारा एकत्र नहीं की जाएगी। मंत्रालय के मुताबिक, MDR से मिलने वाली राशि UPI इकोसिस्टम में शामिल बैंकों और पेमेंट ऐप प्रदाताओं समेत विभिन्न प्रतिभागियों के बीच वितरित की जाएगी। सरकार ने इसे UPI व्यवस्था की दीर्घकालिक स्थिरता, साइबर सुरक्षा, तकनीकी उन्नयन और विस्तार से जोड़ा है।

वहीं, राहुल गांधी और कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे अमेरिकी दबाव से जोड़कर देखा है। सरकार की ओर से अमेरिकी दबाव के इस आरोप को स्वीकार नहीं किया गया है। �

CATEGORIES
Share ThisFacebook, whatsapp, teligram

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus ( )