Trending News

खेलते-खलते, जिम में मौत, कहीं डीजे पर डांस करते निकली जान…सामने आया चलते-फिरते अचानक थमती सांसों का सच?

खेलते-खलते, जिम में मौत, कहीं डीजे पर डांस करते निकली जान…सामने आया चलते-फिरते अचानक थमती सांसों का सच?

नई दिल्ली: कोरोना महामारी के बाद देश में युवाओं और सेहतमंद दिखने वाले लोगों की अचानक मौतों की घटनाएं चर्चा में हैं। पालघर में स्पोर्ट्स इवेंट के दौरान 10वीं की छात्रा रोशनी गिरी, लखनऊ में छठवीं के छात्र अमेय की परीक्षा के दौरान मौत, फरीदाबाद में 23 साल के देवकी नंदन का डीजे पर नाचते समय दम टूटना जैसी घटनाएं लोगों को चिंतित कर रही हैं। जिम, डांस या रोजमर्रा की गतिविधियों में ऐसी मौतें क्यों हो रही हैं? इस पर एम्स दिल्ली की ताजा रिसर्च ने कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर किए हैं।

एम्स के फोरेंसिक मेडिसिन और पैथोलॉजी विभाग ने ICMR के फंडिंग से मई 2023 से अप्रैल 2024 तक एक साल का गहन अध्ययन किया। इस दौरान 2,214 मेडिको-लीगल ऑटोप्सी में से 162 मामलों (सडन डेथ की परिभाषा में फिट) का विश्लेषण किया गया। स्टडी दिसंबर 2025 में इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित हुई। स्टडी का मकसद सडन डेथ के कारणों और रिस्क फैक्टर्स का पता लगाना था, ताकि भविष्य में रोकथाम के उपाय मजबूत किए जा सकें। जहर, सुसाइड या एक्सीडेंट के मामले शामिल नहीं किए गए।

मुख्य निष्कर्ष

  • युवाओं में ज्यादा खतरा: 162 मामलों में 103 (57.2%) मौतें 45 साल से कम उम्र वालों की हुईं। 77 मामले 46-65 आयु वर्ग के थे।
  • पुरुष ज्यादा प्रभावित: 85.3% (141) मामले पुरुषों के, जबकि केवल 14.7% (21) महिलाओं के। युवा महिलाओं में यह प्रतिशत और कम।
  • मुख्य कारण हृदय रोग: दोनों आयु वर्गों में कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) सबसे बड़ा कारण। धमनियां संकरी होने से हार्ट अटैक होता है। कार्डियोवैस्कुलर कारणों से करीब 60-66% मौतें।
  • लाइफस्टाइल का रोल: धूम्रपान और शराब की लत वाले ज्यादा शिकार। युवाओं में 75.9% रेगुलर स्मोकर्स। सामाजिक-आर्थिक स्थिति निम्न-मध्यम वर्ग की ज्यादा।
  • क्षेत्रीय पैटर्न: ज्यादातर मामले दिल्ली-एनसीआर से (71.6%)। पड़ोसी राज्यों हरियाणा, पंजाब से भी।
  • मौसम और दिन: शरद ऋतु (अगस्त-अक्टूबर) में सबसे ज्यादा (52 मामले), उसके बाद सर्दी। बुधवार-गुरुवार को अधिक घटनाएं।
  • कोविड और वैक्सीन का कोई लिंक नहीं: केवल 10 मामलों में कोविड हिस्ट्री। ज्यादातर (82-87%) वैक्सीनेटेड थे, लेकिन स्टडी में वैक्सीन से मौतों का कोई संबंध नहीं पाया गया। पहले से डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसी बीमारियां रिस्क बढ़ाती हैं।

कार्डिएक अरेस्ट क्यों बढ़ रहे? विशेषज्ञों के अनुसार खराब लाइफस्टाइल, अनियमित खान-पान, तनाव और पहले से छिपी बीमारियां मुख्य वजहें हैं। लखनऊ के केजीएमयू के कार्डियोलॉजिस्ट प्रो. ऋषि सेठी कहते हैं:

  • कार्डिएक अरेस्ट vs हार्ट अटैक: अरेस्ट में दिल की धड़कन अचानक रुक जाती है। तुरंत CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दें – जोर से और सही तरीके से।
  • हार्ट अटैक में: समय होता है अस्पताल पहुंचाने का। घर में डिस्प्रिन रखें – आधी गोली चबाकर, आधी पानी से।
  • लक्षण: सीने में दर्द, सांस फूलना, थकान, चक्कर, तेज धड़कन। पसीना आना भी संकेत हो सकता है। इन्हें नजरअंदाज न करें।
CATEGORIES
Share ThisFacebook, whatsapp, teligram

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus ( )
Skip to toolbar