
बदरीनाथ चढ़ावा चोरी प्रकरण: प्रमोद नौटियाल की मां ने BKTC की RTI सूचना पर उठाए सवाल
देहरादून। श्री बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी प्रकरण में नया मोड़ सामने आया है। मामले में न्यायिक हिरासत में चल रहे BKTC अध्यक्ष के निलंबित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल की मां हेमलता नौटियाल ने बीकेटीसी की ओर से RTI के तहत उपलब्ध कराई गई सूचनाओं को आधा-अधूरा और भ्रामक बताते हुए अपीलीय लोक सूचना अधिकारी के समक्ष अपील दायर की है। अपील पर सुनवाई की तिथि अभी तय नहीं हुई है।
परिवार की ओर से संकेत दिया गया है कि संतोषजनक निस्तारण नहीं होने पर मामला सूचना आयोग तक ले जाया जाएगा। हेमलता नौटियाल ने आरटीआई के माध्यम से 11 से अधिक बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी थीं। इनमें प्रमोद नौटियाल की बदरीनाथ धाम में ड्यूटी लगाए जाने, चढ़ावे की गणना, प्रोटोकॉल से संबंधित कार्य, चढ़ावे के लेखा-जोखा तथा नीलकंठ विश्राम गृह से कथित बरामदगी से जुड़े सवाल शामिल हैं।
ड्यूटी आदेश को लेकर उठे सवाल
बीकेटीसी ने आरटीआई के जवाब में प्रमोद नौटियाल की बदरीनाथ धाम में चढ़ावा गणना और प्रोटोकॉल संबंधी ड्यूटी लगाए जाने के आदेश की प्रति उपलब्ध कराई है। बताया गया है कि यह आदेश मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के अनुमोदन के बाद तत्कालीन प्रभारी मुख्य कार्याधिकारी एवं जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग के हस्ताक्षर से जारी हुआ था।
आरटीआई में प्रोटोकॉल संबंधी शुल्क लिए जाने के आदेश की प्रति भी मांगी गई थी। इस आदेश को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं कि क्या इसे मंदिर समिति के बोर्ड की सहमति के बिना जारी किया गया था। हालांकि, इस संबंध में अंतिम स्थिति संबंधित दस्तावेजों और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
नीलकंठ विश्राम गृह से कथित बरामदगी पर सवाल
आरटीआई में एक महत्वपूर्ण बिंदु नीलकंठ विश्राम गृह से जुड़ा है। परिवार की ओर से पूछा गया कि जब प्रमोद नौटियाल ने 5 जुलाई 2026 को अपने निवास स्थल नीलकंठ विश्राम गृह के कमरे की चाबी प्रबंधक अजय सती को सौंप दी थी और इसके बाद कमरा तीर्थयात्रियों को आवंटित किया गया था, तो रिमांड के बाद वहां से नेपाली नोट और अन्य सामग्री की कथित बरामदगी किस आधार पर हुई।
परिवार ने इस संबंध में विश्राम गृह के रजिस्टर की प्रमाणित प्रति भी मांगी थी। आरोप है कि बीकेटीसी की ओर से इस बिंदु पर मांगी गई पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई और केवल विवरण दिया गया। हेमलता नौटियाल ने इसे भी भ्रामक सूचना बताते हुए अपील में चुनौती दी है।

जांच समिति की भूमिका पर भी सवाल
मामले में संविदा विधि अधिकारी को विभागीय जांच समिति का सदस्य बनाए जाने पर भी प्रमोद नौटियाल के परिवार ने सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि जांच समिति में शामिल विधि अधिकारी की भूमिका और नियुक्ति से संबंधित स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। परिवार की ओर से विधि अधिकारी की सेवा और मानदेय से जुड़े मामलों पर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बीकेटीसी की ओर से इस संबंध में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
उच्चस्तरीय जांच समिति का कार्यकाल बढ़ा
उधर, बदरीनाथ चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के लिए गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति का कार्यकाल एक माह बढ़ा दिया गया है। समिति द्वारा मामले से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मंगलवार को वेदपाठी समेत मंदिर समिति के चार कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाने की जानकारी है।
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में न्यायिक हिरासत में चल रहे प्रमोद नौटियाल और पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं। जांच समिति यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चढ़ावा चोरी प्रकरण में कहीं अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से शामिल तो नहीं हैं।
मामला लगातार गहराता जा रहा
बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी प्रकरण में सामने आ रहे नए सवालों के बीच मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। आरोपी के परिजनों ने बीकेटीसी से मिली सूचनाओं पर आपत्ति जताते हुए अपीलीय अधिकारी का रुख किया है। परिवार की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर सूचना आयोग और न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जा सकता है।
वहीं, विपक्षी दल पहले ही मामले की विधानसभा द्वारा गठित संयुक्त समिति अथवा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर चुके हैं। फिलहाल उच्चस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

