
उत्तराखंड: सुरंग में फंसे 19 लोग, 8 का सुरक्षित रेस्क्यू, 11 को निकालने का प्रयास जारी
पिथौरागढ़ : धारचूला के ऐलागाड़ में स्थित एनएचपीसी (NHPC) के भूमिगत पावर हाउस की टनल के मुहाने पर हुए भीषण भूस्खलन से बड़ा हादसा हो गया। अचानक भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिरने से सुरंग का प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद हो गया, जिससे अंदर काम कर रहे 19 कर्मचारी फंस गए।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया। जिला प्रशासन, बीआरओ, एनएचपीसी, एनडीआरएफ और सीआईएसएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और फंसे हुए कर्मचारियों को बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। आठ कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 11 अन्य अभी भी सुरंग के अंदर सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
बाहर निकाले गए कर्मचारियों में ऑपरेशन, मेंटेनेंस और सिविल विभाग के सदस्य शामिल हैं। इनमें से कुछ नियमित कर्मचारी हैं, जबकि कुछ कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे थे।
सुरक्षित बाहर निकाले गए कर्मचारियों की सूची:
- चन्दर सोनल (ऑपरेशन कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ)
- शंकर सिंह (डीजी ऑपरेटर)
- पूरन बिष्ट (सब-स्टेशन स्टाफ)
- नवीन कुमार, इंजी (एम) (मेंटेनेंस)
- प्रेम डुग्ताल (ई) (मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट)
- धन राज बहादुर (ई) (मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट)
- गगन सिंह धामी (ई) (मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट)
- पीसी वर्मा, डीएम (सी) (सिविल)
जबकि, सुरंग के भीतर सुरक्षित पाए गए कर्मचारियों में ऑपरेशन, मेंटेनेंस और कैंटीन स्टाफ के सदस्य शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी 11 कर्मचारी सुरक्षित हैं और उन्हें बाहर निकालने का काम तेजी से किया जा रहा है।
सुरंग के भीतर सुरक्षित कर्मचारियों की सूची:
- ऑपरेशन स्टाफ: ललित मोहन बिष्ट, सूरज गुरुड़ानी, विष्णु गुप्ता
- ऑपरेशन कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ: जितेन्द्र सोनल, प्रकाश डुग्ताल, कमलेश धामी, सुनील धामी
- मेंटेनेंस: जी. ऑगस्टीन बाबू, अपूर्बा राय
- मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट: इंदर गुनजियाल
- कैंटीन स्टाफ: बिशन धामी
स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर मौजूद हैं और इस कार्य में पूरी तत्परता से लगे हुए हैं। जल्द ही सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने की उम्मीद है। बचाव अभियान की जानकारी समय-समय पर जारी की जाएगी।