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UGC-NET जून 2026 के लिए आवेदन शुरू, इस बार दो नए विषय शामिल, जानें अहम जानकारी

UGC-NET जून 2026 के लिए आवेदन शुरू, इस बार दो नए विषय शामिल, जानें अहम जानकारी

नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की ओर से आयोजित होने वाली UGC-NET जून 2026 परीक्षा का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके साथ ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इस बार परीक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए दो नए विषय—स्टैटिस्टिक्स और फॉरेस्ट्री—को शामिल किया गया है, जिससे छात्रों के लिए करियर के नए रास्ते खुलेंगे।

आधिकारिक सूचना के अनुसार, अभ्यर्थी 29 अप्रैल 2026 से 20 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि भी 20 मई (रात 11:50 बजे तक) निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को आवेदन में सुधार का मौका 22 से 24 मई के बीच दिया जाएगा। परीक्षा शहर की जानकारी 10 जून तक और एडमिट कार्ड 15 जून 2026 को जारी किए जाएंगे। परीक्षा 22 जून से 30 जून 2026 के बीच कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित होगी।

UGC-NET एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, जिसके माध्यम से जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर पद और पीएचडी प्रवेश के लिए उम्मीदवारों की पात्रता तय की जाती है। यह परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग के लिए 1150 रुपये, जनरल-EWS/ओबीसी-एनसीएल के लिए 600 रुपये और एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी/थर्ड जेंडर के लिए 325 रुपये निर्धारित किया गया है। शुल्क का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या यूपीआई के माध्यम से किया जा सकता है।

NTA ने स्पष्ट किया है कि आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में ही स्वीकार किए जाएंगे और एक उम्मीदवार केवल एक ही आवेदन फॉर्म भर सकता है। गलत जानकारी देने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है। साथ ही, रजिस्ट्रेशन के दौरान दिया गया मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी सक्रिय होना अनिवार्य है।

इस वर्ष UGC-NET परीक्षा कुल 85 विषयों में आयोजित की जाएगी। सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) होंगे। नए विषयों में स्टैटिस्टिक्स को शामिल करने का निर्णय UGC की 597वीं बैठक (18 अप्रैल 2026) में लिया गया, जिससे डेटा एनालिसिस और शोध के क्षेत्र में रुचि रखने वाले छात्रों को लाभ मिलेगा। वहीं, फॉरेस्ट्री विषय को जोड़ने से पर्यावरण संरक्षण, वन प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

परीक्षा के बाद NTA द्वारा उम्मीदवारों की रिस्पॉन्स शीट और प्रोविजनल आंसर की जारी की जाएगी, जिस पर आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। फाइनल आंसर की जारी होने के बाद ही परिणाम घोषित किए जाएंगे।

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