
साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: उत्तराखंड पुलिस ने 65 लाख की धोखाधड़ी के दो आरोपी दबोचे
देहरादून: उत्तराखंड पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने नोएडा से दो शातिर अपराधियों, नितिन गौर और निक्कू बाबू को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक व्यक्ति से निवेश के नाम पर 65 लाख रुपये से अधिक की ठगी की थी।
फर्जी कंपनी बनाकर करते थे धोखाधड़ी
उत्तराखंड पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी ‘NG Traders’ नाम की एक फर्जी कंपनी चला रहे थे। वे लोगों को कम समय में निवेश पर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगी करते थे। इस गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। अपनी पहचान छुपाने के लिए ये अपराधी VPN, प्रॉक्सी सर्वर (Proxy Server) और टोर ब्राउज़र (Tor Browser) का इस्तेमाल करते थे। इसके अलावा, इन्होंने देशभर में 18 से 20 फर्जी बैंक खाते खोल रखे थे, जिनका इस्तेमाल ये ठगी के पैसों को ट्रांसफर करने के लिए करते थे।
भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें कई मोबाइल फोन, ATM कार्ड, QR स्कैनर और अन्य डिवाइस शामिल हैं। इन उपकरणों की मदद से ही ये ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे।
मामले का खुलासा तब हुआ जब देहरादून के एक पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि उसे निवेश पर मोटा रिटर्न देने का झांसा देकर 65 लाख रुपये से अधिक की ठगी की गई है।
साइबर क्राइम टीम अब इस गिरोह के विदेशी संपर्कों और पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है ताकि इसके पीछे के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात कंपनी या व्यक्ति के झांसे में आकर निवेश न करें और ऐसी किसी भी घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।