
10 नवंबर तक चारधाम क्षेत्र में चार्टर्ड हेली सेवा बंद, बदरीनाथ में फंसे 50 से अधिक यात्रियों की बढ़ी परेशानी
देहरादून। उत्तराखंड के चारधाम क्षेत्र में चार्टर्ड हेलीकॉप्टर सेवाएं 10 नवंबर तक बंद रखने के उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के आदेश से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसका असर बदरीनाथ धाम में देखने को मिला, जहां हेलीकॉप्टर से पहुंचे 50 से अधिक यात्री सोमवार सुबह हेली सेवा शुरू होने का इंतजार करते रहे। बाद में सेवा बंद होने की जानकारी मिलने पर यात्रियों ने हेली कंपनियों के कर्मचारियों के प्रति नाराजगी जताई। स्थिति को देखते हुए सभी यात्रियों को सड़क मार्ग से वापस भेजने की व्यवस्था की गई।
दरअसल, चारधाम क्षेत्र में हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा को लेकर नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सख्त रुख अपनाया है। डीजीसीए ने सिंगल इंजन वाले चार्टर्ड हेलीकॉप्टरों में दो पायलटों की तैनाती अनिवार्य कर दी है। इस फैसले के विरोध में हेली कंपनियों ने सोमवार से अपनी सेवाएं बंद रखने का निर्णय लिया था।
कंपनियों ने यात्रियों की एडवांस बुकिंग भी निरस्त कर दी हैं। इसके बाद यूकाडा ने रविवार को आदेश जारी कर 10 नवंबर तक चारधाम क्षेत्र में चार्टर्ड हेली सेवाएं बंद रखने का निर्णय लिया। यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि हेली कंपनियों ने अपनी मौजूदा बुकिंग निरस्त किए जाने की सूचना प्राधिकरण को दे दी है। बदरीनाथ पहुंचे यात्रियों को सड़क मार्ग से वापस भेजने की व्यवस्था की गई है।
हेलीकॉप्टर हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था सख्त
गौरतलब है कि शुक्रवार को बदरीनाथ धाम से देहरादून लौट रहा एक हेलीकॉप्टर पांडुकेश्वर की पहाड़ियों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में पायलट समेत छह लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद डीजीसीए ने चारधाम क्षेत्र में हेली सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए नियमों को सख्त करने का निर्णय लिया। इसी क्रम में सिंगल इंजन चार्टर्ड हेलीकॉप्टरों में दो पायलटों की अनिवार्यता लागू की गई है।
चारधाम क्षेत्र में हिमालयन हेली सर्विसेज, इंडो कॉप्टर्स, राजस एयरोस्पोर्ट्स, थंबी एविएशन, चिप्सन एविएशन, एरो एयरक्राफ्ट, पिलग्रिमेज एविएशन, हेरिटेज एविएशन, यूनाइटेड हेलीचार्टर्स, कान एयरो, बारामती एग्रो और स्यांदन एविएशन समेत कई कंपनियां चार्टर्ड हेली सेवाओं का संचालन करती हैं। सुरक्षा नियमों में बदलाव और सेवाएं बंद होने से इन कंपनियों के यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई हैं।

