
कल से महंगा होगा दूध, मुंबई में थोक कीमत ₹9 बढ़ी, आपकी जेब होगी हल्की
नई दिल्ली/चेन्नई। देश के कुछ राज्यों में दूध की कीमतों में बदलाव होने जा रहा है। मुंबई और आसपास के महानगरीय क्षेत्र में एक सितंबर से थोक दूध की कीमत में नौ रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी होगी। वहीं, तमिलनाडु सरकार ने दुग्ध उत्पादकों को राहत देते हुए दूध की खरीद कीमत छह रुपये बढ़ाकर 44 रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की है।
मुंबई में थोक दूध ₹102 प्रति लीटर
बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने दूध की थोक कीमत में नौ रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की घोषणा की है। एक सितंबर 2026 से मुंबई और आसपास के महानगरीय सप्लाई नेटवर्क में दूध की थोक दर 93 रुपये से बढ़कर 102 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। नई दर अगले छह महीने यानी 28 फरवरी 2027 तक लागू रहने की बात कही गई है।
दूध की थोक कीमत बढ़ने का असर डेयरी उत्पादों पर भी पड़ने की आशंका है। विशेष रूप से दही, पनीर, मिठाई और बेकरी उत्पादों की लागत बढ़ सकती है। त्योहारी सीजन से पहले हुई इस बढ़ोतरी से आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर भी असर पड़ने की संभावना है।
तमिलनाडु में पशुपालकों को राहत
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में नियम 110 के तहत घोषणा करते हुए दुग्ध उत्पादकों के लिए दूध खरीद कीमत में छह रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का ऐलान किया। अब खरीद कीमत 44 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
सरकार के अनुसार चारा, पशुपालन और दूध उत्पादन की बढ़ती लागत के बीच यह फैसला दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे राज्य के 3.16 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादकों को लाभ मिलने का दावा किया गया है।
सरकार ने इससे पहले दूध खरीद पर प्रोत्साहन राशि को तीन रुपये से बढ़ाकर पांच रुपये प्रति लीटर किया था। इससे सरकारी खजाने पर सालाना करीब 360 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है।
बिजली और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी घोषणाएं
तमिलनाडु सरकार ने दूध की कीमत से इतर बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास से जुड़ी कई घोषणाएं भी की हैं। कांचीपुरम जिले के मदुरमंगलम में सेमीकंडक्टर पार्क स्थापित करने की घोषणा की गई है।
चेन्नई में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने और बिजली कटौती की समस्या से निपटने के लिए 1,762 करोड़ रुपये की लागत से नया इलेक्ट्रिसिटी कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इसके अलावा राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 1,550 करोड़ रुपये की एक अन्य बिजली कॉरिडोर परियोजना भी शुरू की जाएगी।
मेडिकल और पैरामेडिकल शिक्षा में सीटें बढ़ाने की तैयारी
तमिलनाडु सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश क्षमता बढ़ाने के लिए 351 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके तहत बीएससी नर्सिंग, नर्सिंग, पैरामेडिकल और मेडिकल पाठ्यक्रमों में कुल 6,098 अतिरिक्त सीटें सृजित करने की योजना है।
इनमें बीएससी नर्सिंग की 660, नर्सिंग कॉलेजों एवं स्कूलों की 1,925, 12 पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों की 2,778 और मेडिकल पाठ्यक्रमों की 735 सीटें शामिल हैं।
इस तरह जहां मुंबई में दूध की बढ़ती कीमतों से उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव बढ़ने जा रहा है, वहीं तमिलनाडु ने दूध उत्पादकों की आय बढ़ाने के साथ-साथ बिजली, सेमीकंडक्टर और मेडिकल शिक्षा जैसे क्षेत्रों में निवेश की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

