
शहरी अवसंरचना परियोजनाओं को मिलेगा वित्तीय और तकनीकी सहयोग, हुडको व शहरी विकास निदेशालय के बीच एमओयू
देहरादून। उत्तराखंड में सतत और व्यवहारिक शहरी अवसंरचना परियोजनाओं के विकास को गति देने के लिए हुडको (Housing and Urban Development Corporation) और शहरी विकास निदेशालय, उत्तराखंड सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) और यूआईडब्लूआईएन के अंतर्गत किया गया है। इसके तहत प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) को परियोजना तैयार करने, वित्तीय संसाधन जुटाने और संस्थागत क्षमता बढ़ाने में सहयोग मिलेगा।
गुरुवार को देहरादून स्थित हुडको के क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। शहरी विकास निदेशालय की ओर से निदेशक विनोद कुमार गोस्वामी, आईएएस ने समझौते पर हस्ताक्षर किए, जबकि हुडको के देहरादून क्षेत्रीय कार्यालय के क्षेत्रीय प्रमुख ने हुडको की ओर से एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
बैंक योग्य डीपीआर तैयार करने में मिलेगी मदद
एमओयू के तहत उत्तराखंड में शहरी अवसंरचना से जुड़ी परियोजनाओं के लिए बैंक योग्य विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Bankable DPR) तैयार करने में सहयोग किया जाएगा। इसके साथ ही शहरी स्थानीय निकायों के अधिकारियों और संबंधित संस्थाओं के लिए क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
यूसीएफ के अंतर्गत पात्र और व्यवहार्य शहरी परियोजनाओं के वित्तपोषण में भी सहयोग का प्रावधान है। इससे स्थानीय निकायों को बेहतर परियोजना तैयार करने के साथ-साथ उनके लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन जुटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय निकायों की क्षमता मजबूत करने पर जोर
इस पहल का प्रमुख उद्देश्य उत्तराखंड के अर्बन लोकल बॉडिज की परियोजना विकास और वित्तीय प्रबंधन क्षमता को मजबूत करना है। इसके माध्यम से ऐसी शहरी अवसंरचना परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा, जो आर्थिक रूप से व्यवहार्य होने के साथ-साथ लंबे समय तक टिकाऊ भी हों।
एमओयू के माध्यम से अर्बन चैलेंज फंड (UCF) और यूआईडब्लूआईएन के जरिए परियोजना विकास, संस्थागत क्षमता निर्माण तथा वित्तपोषण की प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे राज्य के शहरों में आवश्यक शहरी सुविधाओं और आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति मिलने की संभावना है।
कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार, शहरी विकास विभाग और हुडको देहरादून के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने इस समझौते को प्रदेश में बेहतर और सतत शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

