
एकेश्वर में परिवर्तन संकल्प सम्मेलन संपन्न, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह, हरक सिंह रावत ने भरा जोश
पौड़ी: चौबट्टाखाल विधानसभा के अंतर्गत एकेश्वर ब्लॉक में आयोजित परिवर्तन संकल्प सम्मेलन आज उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। सम्मेलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं में बदलाव का जोश और संगठन को मजबूत करने का संकल्प स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

सम्मेलन में पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, प्रदेश सचिव कवींद्र इष्टवाल, जिला अध्यक्ष विनोद नेगी, सतपुली नगर अध्यक्ष जीतेन्द्र चौहान जी विधानसभा प्रभारी संजय डबराल, पूनम कैन्तूरा जिला पंचायत सदस्य, प्रमुख पोखड़ा संजय गुसाईं, प्रेम बौखण्डी, पूर्व डीसीबी निदेशक नरेंद्र सिंह नेगी, पूर्व प्रमुख वीरोखाल राजेश कंडारी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य विक्रम सिंह, बीरोंखाल ज्येष्ठ प्रमुख कुलदीप सिंह, कल्याण सिंह एकेश्वर ब्लॉक अध्यक्ष जगदीश सिंह बिष्ट, वीरोखाल ब्लॉक अध्यक्ष संजय रावत, पोखड़ा ब्लॉक नगर अध्यक्ष,विजय दर्शन रावत, पौखडा ब्लॉक अध्यक्ष, सतपुली ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष विजय पूर्व प्रमुख जसपाल रावत, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष राजेश भंडारी, यूथ विधानसभा अध्यक्ष विमल, यूथ अध्यक्ष गौरव सागर सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन पूर्व प्रमुख पोखड़ा सुरेंद्र सिंह रावत व राजकमल जी ने किया

सम्मेलन को संबोधित करते हुए हरक सिंह रावत ने कहा कि चौबट्टाखाल विधानसभा विकास की दौड़ में लगातार पिछड़ती जा रही है। उन्होंने क्षेत्र में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, रोजगार और पलायन जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों पर पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा के कारण आम जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।
कांग्रेस प्रदेश सचिव कवींद्र इष्टवाल ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत और स्थायी समाधान की मांग की। साथ ही उत्तराखंड से जुड़े ज्वलंत विषयों, युवाओं के रोजगार, किसानों की समस्याओं तथा प्रदेश के संतुलित विकास पर भी विस्तार से अपनी बात रखी।
वक्ताओं ने राष्ट्रीय मुद्दों का उल्लेख करते हुए अयोध्या स्थित राम मंदिर में हुई चंदा चोरी की घटना पर चिंता जताई और इसकी निष्पक्ष एवं कठोर जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि देश की आस्था से जुड़े स्थलों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
इसके अलावा देशभर के विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर भी केंद्र एवं राज्य सरकारों को घेरते हुए जनता के हितों की आवाज बुलंद करने का संकल्प दोहराया गया।
सम्मेलन के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, जनसरोकारों के मुद्दों को गांव-गांव तक पहुंचाने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों का मजबूती से सामना करने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं का उत्साह और जनसमर्थन उल्लेखनीय रहा।

