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उत्तराखंड :भीषण हुई जंगल की आग, 20 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र जलकर राख, गौशालाओं और गांवों पर खतरा

उत्तराखंड :भीषण हुई जंगल की आग, 20 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र जलकर राख, गौशालाओं और गांवों पर खतरा

थराली : उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ वन प्रभाग के अंतर्गत मध्य पिंडर रेंज के जंगलों में बुधवार से भीषण आग लगी हुई है, जो अब तक काबू में नहीं आई है। चेपड़ों और सौगांव गांवों के जंगल से शुरू हुई यह आग तेजी से फैलकर खाड़ीबगड़, सौगांव जूनिधार और गोठिंडा के वन क्षेत्रों तक पहुंच गई है। आग ने अब तक 20 हेक्टेयर से अधिक जंगल क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है, जिसमें मुख्य रूप से घने चीड़ के जंगल जलकर खाक हो गए हैं।

आग की लपटें चेपड़ों गांव की गौशालाओं तक पहुंच गई हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ऊपर की ओर लपटें जूनिधार गांव तक फैल चुकी हैं, जिससे ग्रामीण आबादी और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। जलते पेड़ और चट्टानें स्टेट हाईवे थराली-देवाल मोटर मार्ग पर गिर रही हैं, जिससे राहगीरों और वाहनों के लिए आवागमन जोखिम भरा हो गया है।

वन विभाग की टीम और अग्निशमन कर्मचारी आग बुझाने में जुटे हैं, लेकिन खड़ी चट्टानों, घने जंगलों और रात होने के कारण ऑपरेशन में भारी चुनौतियां आ रही हैं। मध्य पिंडर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी मनोज देवराड़ी ने बताया कि टीम लगातार प्रयासरत है, लेकिन लगातार पत्थर और पेड़ गिरने से आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि आग लगाने वाले शरारती तत्वों की तलाश तेज कर दी गई है और जांच चल रही है।

आग से बहुमूल्य वनस्पति और छोटे-बड़े पेड़ जल चुके हैं, जिससे लाखों की वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। पूरे क्षेत्र में घना धुआं छा गया है, जिससे आंखों में जलन, श्वास संबंधी समस्याएं और प्रदूषण बढ़ गया है। वन्यजीवों के लिए भी खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि कई प्रजातियां आग की चपेट में आ सकती हैं।

वन विभाग के अनुसार, लंबे समय से बारिश न होने और सूखे मौसम के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी आग बुझाने में सहयोग किया है, लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और हाईवे पर अनावश्यक यात्रा टालने की अपील की है।

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