
बिहार में सियासी हलचल: नीतीश कुमारजा सकते हैं राज्यसभा, कौन बनेगे CM, अटकलें शुरू?
पटना: बिहार की राजनीति में बुधवार से शुरू हुई अटकलों ने गुरुवार को और तेजी पकड़ ली है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह बिहार में दो दशकों से अधिक समय से सत्ता संभाल रहे नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे का संकेत माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार आज (5 मार्च) सुबह विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रह सकते हैं। जदयू की ओर से नीतीश कुमार के साथ रामनाथ ठाकुर का नाम भी लगभग तय माना जा रहा है। भाजपा ने पहले ही अपने दो उम्मीदवारों—राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और अन्य—के नाम घोषित कर दिए हैं, जबकि राजग सहयोगी उपेंद्र कुशवाहा को दूसरी बार राज्यसभा भेजने की पुष्टि हो चुकी है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद भाजपा बिहार में पहली बार अपना मुख्यमंत्री बना सकती है। NDA में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी (89 विधायक) होने के कारण यह संभव माना जा रहा है। संभावित उम्मीदवारों में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, नित्यानंद राय या अन्य भाजपा नेता शामिल हो सकते हैं।
इस बीच, नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार (करीब 40 वर्ष) की राजनीति में एंट्री की खबरें भी जोर पकड़ रही हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि समझौते के तहत निशांत को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि जदयू से एक या दो डिप्टी सीएम बनाने का फॉर्मूला भी चर्चा में है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “आज होली है। ऐसे मजाक होली पर आम होते हैं। नीतीश कुमार जी ही मुख्यमंत्री हैं।
जदयू के विधान परिषद सदस्य संजय कुमार ने भी आश्चर्य जताते हुए कहा, “पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवारों के बारे में हमें कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। रामनाथ ठाकुर अपनी सीट बरकरार रख सकते हैं, लेकिन अंतिम फैसला मुख्यमंत्री खुद लेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें अप्रैल 2026 में खाली हो रही हैं। नामांकन की अंतिम तिथि आज है, स्क्रूटनी कल होगी। NDA के पास विधानसभा में बहुमत होने से सभी पांच सीटें जीतने की संभावना मजबूत है।

