
उत्तराखंड होमगार्ड में बड़ा वर्दी घोटाला, जांच शुरू
देहरादून: उत्तराखंड होमगार्ड विभाग में वर्दी एवं अन्य सामग्री की खरीद में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का मामला सामने आया है। गृह विभाग ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इसकी जांच शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी डिप्टी कमांडेंट जनरल (डीसीजी) अमिताभ श्रीवास्तव पर पद का दुरुपयोग कर बाजार भाव से तीन गुना अधिक कीमत पर सामान खरीदने का आरोप है।
विभागीय जांच में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में जवानों के लिए लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य का वर्दी, जूते, डंडे, पैंट-शर्ट और जैकेट आदि सामान तीन करोड़ रुपये में खरीदा गया। कमांडेंट जनरल पीवीके प्रसाद ने जब 2025-26 के लिए इसी दर पर टेंडर जारी होने पर बाजार भाव की जांच कराई तो तीन गुना से अधिक कीमत का खुलासा हुआ।
- डंडे की बाजार कीमत 130 रुपये थी, लेकिन 375 रुपये में खरीदा गया।
- जूते 500 रुपये के बजाय 1500 रुपये में।
- पैंट-शर्ट का सेट 1200 रुपये के स्थान पर 3000 रुपये में।
- जैकेट 500 रुपये की बजाय 1580 रुपये में खरीदी गई।
कमांडेंट जनरल पीवीके प्रसाद ने विभागीय जांच के बाद डिप्टी कमांडेंट जनरल अमिताभ श्रीवास्तव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संस्तुति की। उन्होंने शासन को रिपोर्ट भेजते हुए आरोपी अधिकारी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने, दो करोड़ रुपये की रिकवरी करने और सेवा से बर्खास्त करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही उन्होंने होमगार्ड में वर्दी एवं संबंधित सामग्री की खरीद पर रोक लगा दी है।
गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि कमांडेंट जनरल का पत्र 15 दिन पहले प्राप्त हुआ था, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं का जिक्र था। उन्होंने कहा, “शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों की टीम गठित कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
यह घोटाला अफसरों और ठेकेदारों के बीच कथित मिलीभगत का नतीजा बताया जा रहा है, जिससे विभाग के जवानों को निर्धारित समय पर उचित वर्दी नहीं मिल पाई। विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

