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बड़कोट से बड़ी खबर : जानलेवा हमले मामले में बड़कोट नगर पालिका अध्यक्ष गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा

बड़कोट से बड़ी खबर : जानलेवा हमले मामले में बड़कोट नगर पालिका अध्यक्ष गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा

बड़कोट: रात का अंधेरा, पहाड़ी सड़कें और एक घातक खेल…उत्तरकाशी के बड़कोट में सत्ता और साज़िश का संगम जबरदस्त मोड़ ले चुका है। नगर पालिका अध्यक्ष विनोद डोभाल और उनका साथी अंकित रमोला  को पुलिस गिरफ्तार कर लिया है।

मामला मंगलवार की रात, उस वक्त का है जब पूरा शहर सो रहा था, यमुना नदी में अवैध खनन चल रहा था। इस जानकारी देहरादून से अपने साथियों के साथ लौट रहे पलेठा निवासी प्रवीन रावत और उनके साथियों को लगी। उन्होंने पुलिस और तहसील प्रशासन को सूचना दी। कुछ ही देर में प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा।

जैसे ही प्रवीन रावत और उनके साथी पौंटीपुल से होते हुए बड़कोट की ओर बढ़े, अचानक उनकी गाड़ी पर हमला हो गया। दावा है कि एक स्कार्पियो गाड़ी ने पीछे से टक्कर मारी। यह एक बार नहीं, बल्कि दो बार हुआ। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि गाड़ी डगमगा गई। 

आरोप लगाने वाले प्रवीन रावत के मुताबिक, उस कार में नगर पालिका अध्यक्ष विनोद डोभाल, अंकित रमोला और उनके अन्य साथी मौजूद थे। वही, अंकित रमोला, जो पहले भी नकल माफिया हाकम सिंह के साथ जेल की हवा खा चुका है।

चौंकाने वाली बात यह है कि घटनास्थल के आसपास बड़कोट थाना प्रभारी, तहसीलदार और अन्य अधिकारी अपने वाहनों में मौजूद थे। सबसे आगे बड़कोट एसओ का वाहन था, फिर भी यह दुस्साहसिक हमला हुआ।

हमले के बाद पुलिस हरकत में आई और विनोद डोभाल व अंकित रमोला को हिरासत में ले लिया गया। उनका मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में पेश किया और वहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

यह साधारण मामला नहीं है। नगर पालिका अध्यक्ष जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ इस तरह के आरोप गंभीर हैं। वह भी तब जबकि, पुलिस और तहसील प्रशासन की पूरी टीम साथ में मौजूद थी।

अब देखना होगा कि यह घटना आगे क्या मोड़ लेती है। फिलहाल, इस मामले में पुलिस अधिकारियों से बात नहीं हो पाई है और ना ही विनोद डोभाल का पक्ष सामने आ पाया है। उनका पक्ष आने के बाद और पुलिस के बयानों के बाद ही इस मामले की पूरी हकीकत सामने आएगी।

लेकिन, एक बात तो साफ है कि यमुना नदी में केवल नौगांव के आसपास ही नहीं। बल्कि, नौगांव से लेकर खरादी और उससे आगे भी जमकर खनन हो रहा है। यमुना को खनन माफिया छलनी कर रहे हैं। प्रशासन कार्रवाई के दावे तो करता है, लेकिन जमीनी हकीकत जो कहानी बयां कर रही है, वह यमुना का दर्द बयां करने के लिए काफी है।

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